एक युग का अंत: 'ही-मैन' धर्मेंद्र (1935 – 2025) को भावभीनी श्रद्धांजलि

बॉलीवुड के 'ही-मैन' धर्मेंद्र (1935 – 2025) को श्रद्धांजलि

💔 एक युग का अंत: 'ही-मैन' धर्मेंद्र (1935 – 2025) को भावभीनी श्रद्धांजलि 😢

24 नवंबर 2025 को बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ने ली अंतिम सांस

भारतीय सिनेमा का एक स्वर्णिम अध्याय आज, 24 नवंबर 2025 को समाप्त हो गया, जब बॉलीवुड के 'ही-मैन' और महान अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल ने 89 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कहा। उनके निधन की खबर ने पूरे देश, विशेषकर फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है।

धर्मेंद्र जी का जीवन संघर्ष, सफलता, आकर्षण और विनम्रता की एक अद्भुत गाथा है। उनकी यात्रा लुधियाना के एक छोटे से गाँव से शुरू हुई और उन्हें भारतीय सिनेमा के शिखर तक ले गई, जहाँ उन्होंने लगभग छह दशकों तक राज किया।

I. 👶 प्रारंभिक जीवन, जन्म और शिक्षा: पंजाब से मायानगरी तक

  • नाम: धरम सिंह देओल
  • जन्म: 8 दिसंबर 1935, साहनेवाल, लुधियाना, पंजाब
  • शिक्षा: सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ललटन कलां और रामगढ़िया कॉलेज, फगवाड़ा।
  • संघर्ष: बिना किसी गॉडफादर के, फिल्मफेयर के 'न्यू टैलेंट अवार्ड' के दम पर मुंबई पहुंचे। शुरुआती दिनों में रेलवे स्टेशन पर रातें गुजारनी पड़ीं।

II. 👨‍👩‍👧‍👦 परिवार और निजी जीवन: दो विवाह, एक बड़ा परिवार

धर्मेंद्र का पारिवारिक जीवन काफी चर्चा में रहा। उन्होंने दो बार विवाह किया, लेकिन हमेशा एक जिम्मेदार पिता बने रहे।

पहली पत्नी: प्रकाश कौर

  • विवाह: 1954
  • संतान: सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल, अजीता देओल।

दूसरी पत्नी: हेमा मालिनी

  • विवाह: 1980 (इस्लाम धर्म अपनाने के बाद)
  • संतान: ईशा देओल, आहना देओल।

देओल परिवार बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली और एकजुट परिवारों में से एक है।

III. 🎬 अभिनय करियर: छह दशकों का शानदार सफर (1960 - 2025)

धर्मेंद्र का फ़िल्मी करियर 1960 में 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से शुरू हुआ और 300 से अधिक फिल्मों तक फैला। उनकी सबसे बड़ी शक्ति उनकी बहुमुखी अभिनय क्षमता थी।

1. रोमांटिक और संजीदा दौर (1960-1970)

शुरुआती फिल्में जैसे 'बंदिनी' (1963) और 'सत्यकाम' (1969) ने उन्हें एक संवेदनशील अभिनेता के रूप में स्थापित किया। 'फूल और पत्थर' (1966) उनकी पहली बड़ी व्यावसायिक हिट थी।

2. 'ही-मैन' और एक्शन-कॉमेडी का उदय (1970-1985)

यह दौर उनके स्टारडम का चरम था। उनकी मस्कुलर बॉडी और एक्शन ने उन्हें 'ही-मैन' की उपाधि दी।

  • ब्लॉकबस्टर: 'शोले' (1975) में 'वीरू' का किरदार।
  • कॉमेडी क्लासिक: 'चुपके चुपके' (1975) और 'प्रतिज्ञा' (1975)
  • अन्य सफल फिल्में: 'मेरा गाँव मेरा देश', 'चरस', 'धरम वीर'।

3. निर्माता, निर्देशक और नई पारी (1985-2025)

उन्होंने विजेता फिल्म्स के तहत 'घायल' (1990) जैसी सफल फिल्मों का निर्माण किया। उनकी आखिरी रिलीज़ फिल्मों में 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' (2023) शामिल थी।

प्रमुख फिल्मों की झलक

फिल्म का नाम रिलीज़ वर्ष शैली/महत्व
फूल और पत्थर 1966 पहली बड़ी हिट, एक्शन हीरो के रूप में पहचान।
सत्यकाम 1969 सर्वश्रेष्ठ अभिनय प्रदर्शन।
शोले 1975 ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर, 'वीरू' का प्रतिष्ठित किरदार।
चुपके चुपके 1975 क्लासिक कॉमेडी।
अपने 2007 तीनों देओल पीढ़ियों की एक साथ पहली फिल्म।

IV. 💬 अविस्मरणीय संवाद और सदाबहार गाने

उनके कुछ लोकप्रिय संवाद:

  • "बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना!" (शोले)
  • "जट यमला पगला दीवाना..." (प्रतिज्ञा)

उनके गीतों में 'पल पल दिल के पास', 'आज मौसम बड़ा बेईमान है' और 'ड्रीम गर्ल' शामिल हैं।

V. 🏆 पुरस्कार और सम्मान

  • पद्म भूषण (2012): भारत सरकार द्वारा तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
  • फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (1997)।
  • IIFA लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (2005)।
  • फिल्मफेयर बेस्ट फिल्म अवार्ड (निर्माता): 'घायल' (1991) के लिए।

VI. 🗳️ राजनीति और संस्थागत जुड़ाव

  • राजनीतिक दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
  • पद: 14वीं लोकसभा (2004-2009) के सदस्य (बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र से)।
  • अन्य: विजेता फिल्म्स के संस्थापक, लोनावाला फार्महाउस पर खेती और पशुपालन के शौकीन।

VII. 💔 श्रद्धांजलि और सिनेमाई विरासत

धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: "धर्मेंद्र जी के जाने से इंडियन सिनेमा में एक युग का अंत हो गया है। वह एक आइकॉनिक फिल्म पर्सनैलिटी थे..."

करण जौहर: "यह एक ERA का अंत है... मेनस्ट्रीम सिनेमा के हीरो की असली परिभाषा..."

उनकी सादगी, ईमानदारी और बहुमुखी प्रतिभा हमेशा उन्हें उनके प्रशंसकों के दिलों में जीवित रखेगी। वह हमेशा बॉलीवुड के वास्तविक 'ही-मैन' रहेंगे।

© 2025 | एक लीजेंड को विनम्र श्रद्धांजलि।

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